बुधवार, 27 फ़रवरी 2008

Dosti

फूलो की खुशबू को चुराया नही जाता
पर लोग चुराने की कोशिश करते है।
सूरज की रोशनी को छुपाया नही जाता

पर छुपाने की कोशिश कर लेते है।

दोस्ती में दूरी माने नहीं रखती है

पर लोग कान भर कर दूरी बढ़ा देते है।

कान के कच्चे दोस्ती को भुला देता है।

मांगी जिसने चांदनी उसे चांदनी मिली

रोशनी मांगने वाले को रोशनी मिली

मैं भगवान से दोस्ती मांगी
मुझे आप जैसे पक्के कान दोस्त मिले।



कोई टिप्पणी नहीं: